पेंशन सत्यापन के नाम पर फ़ोन कॉल — रेल मंत्रालय की चेतावनी
पीपीओ अपडेट और केवाईसी सत्यापन के बहाने पेंशनभोगियों को फ़ोन किए जा रहे हैं। ग्वालियर में एक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी ने ₹7.40 लाख गँवाए।
रेल मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि साइबर ठग रेलवे अधिकारियों के नाम से फ़ोन कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेज रहे हैं। बहाना यह होता है — पीपीओ अपडेट करना है, केवाईसी सत्यापन बाकी है, या अतिरिक्त पेंशन लाभ मिलने वाला है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पीपीओ या सेवा अभिलेख अद्यतन करने के लिए वह कोई लिंक या संदेश नहीं भेजता।
यह कॉल असली क्यों लगती है
सबसे ख़तरनाक बात यही है। ठग बात शुरू करते ही आपका ही विवरण पढ़कर सुनाते हैं —
- सेवानिवृत्ति की तारीख़
- पीपीओ संख्या
- आधार के अंतिम अंक
- आपकी मासिक पेंशन राशि
जब सामने वाला आपकी पेंशन राशि सही-सही बता दे, तो भरोसा हो जाना स्वाभाविक है। लेकिन यह जानकारी विश्वास जीतने का औज़ार है, पहचान का प्रमाण नहीं।
ग्वालियर का मामला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी से ₹7.40 लाख ठग लिए गए। ठगों ने रेलवे अधिकारी बनकर कहा कि पेंशन सत्यापन के लिए तुरंत वीडियो कॉल ज़रूरी है। वीडियो कॉल के दौरान ही उनके बैंक खाते तक पहुँच बना ली गई।
तरीक़ा यही रहता है — जल्दबाज़ी पैदा करो, और स्क्रीन साझा करवा लो।
पक्की पहचान — असली दफ़्तर यह कभी नहीं माँगता
कोई भी बैंक या सरकारी कार्यालय फ़ोन पर यह कभी नहीं माँगेगा:
- ओटीपी
- पासवर्ड या पिन
- डेबिट/क्रेडिट कार्ड संख्या या सीवीवी
- केवाईसी दस्तावेज़ व्हाट्सएप पर
- स्क्रीन शेयर या रिमोट ऐक्सेस (AnyDesk, TeamViewer जैसे ऐप)
इनमें से कोई भी माँग आए — कॉल वहीं काट दीजिए। बहस मत कीजिए, सफ़ाई मत दीजिए। काट दीजिए।
अगर कॉल आ जाए तो
- काट दीजिए। असली काम कभी एक फ़ोन कॉल में ख़त्म नहीं होता।
- ख़ुद वापस फ़ोन कीजिए — अपने पेंशन संवितरण बैंक या कार्यालय के उस नंबर पर जो आपके पास पहले से है। कॉल करने वाले का दिया नंबर कभी प्रयोग न करें।
- कोई लिंक न खोलें, कोई APK फ़ाइल इंस्टॉल न करें।
- घर के बुज़ुर्ग सदस्यों को बता दीजिए। निशाने पर अक्सर वही होते हैं।
ठगी हो जाए तो — पहला घंटा सबसे क़ीमती है
- 1930 पर तुरंत फ़ोन कीजिए (राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन)
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए
- अपने बैंक को सूचित करके खाता रुकवाइए
जितनी जल्दी सूचना जाएगी, रक़म रुकने की संभावना उतनी ज़्यादा रहती है।
यह चेतावनी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी सूचनाओं पर आधारित है। अपने मामले में कोई भी कार्रवाई करने से पूर्व अपने कार्यालय या पेंशन संवितरण बैंक से पुष्टि कर लें।