हमारे बारे में
सरकारी कर्मचारी अक्सर अपने ही हक़ से चूक जाते हैं — इसलिए नहीं कि नियम छिपे हैं, बल्कि इसलिए कि नियम बिखरे हुए हैं, प्रपत्र स्कैन की गई पीडीएफ़ में पड़े हैं, और यह पूछने वाला कोई नहीं होता कि किस खाने में क्या भरना है।
यह वेबसाइट उसी खाई को पाटने के लिए है।
यहाँ क्या मिलेगा
- प्रपत्र — भरने योग्य, हर खाने में मार्गदर्शन सहित, व्हाट्सएप या पीडीएफ से भेजने योग्य
- नियम — सरल भाषा में, परिपत्र के हवाले के साथ
- कैसे पाएँ — अपना हक़ लेने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
- सावधान — सरकारी चेतावनियों पर आधारित ठगी की जानकारी
कौन लिख रहा है
केंद्रीय सेवा में 23 वर्ष के अनुभव वाले एक सेवारत समूह-क अधिकारी द्वारा।
नाम अभी सार्वजनिक नहीं है। सेवा में रहते हुए यही उचित है। जो भी बात यहाँ नियम के रूप में कही जाती है, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध परिपत्र या कार्यालय ज्ञापनके हवाले के साथ कही जाती है — ताकि आप स्वयं जाँच सकें, और किसी के नाम पर भरोसा न करना पड़े।
यहाँ क्या नहीं मिलेगा
- सरकारी नीति की आलोचना
- कोई भी आंतरिक या गैर-सार्वजनिक दस्तावेज़
- व्यक्तिगत वित्तीय सलाह
यह वेबसाइट बताती है कि नियम क्या कहते हैं। यह आदेश नहीं देती। अपने मामले में कोई भी कार्रवाई करने से पूर्व अपने स्थापना अनुभाग से पुष्टि कर लीजिए।
आपकी जानकारी
आप प्रपत्र में जो भरते हैं वह आपके उपकरण से बाहर नहीं जाता।निजता नीति देखिए।