एनपीएस और अटल पेंशन योजना के नाम पर ठगी — पीएफ़आरडीए की चेतावनी
पीएफ़आरडीए ने अपने नाम का दुरुपयोग करके चल रही धोखाधड़ी के प्रति ग्राहकों को सचेत किया है। नियामक कभी व्यक्तिगत रूप से पैसा नहीं माँगता।
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफ़आरडीए) ने एनपीएस और अटल पेंशन योजना के ग्राहकों को चेताया है कि उसके नाम का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की जा रही है।
नियामक क्या करता है, और क्या नहीं
यह भेद समझ लेना ही बचाव है।
पीएफ़आरडीए एक नियामक है। वह आपके एनपीएस खाते का संचालन नहीं करता। आपका खाता सीआरए और आपके नोडल कार्यालय के माध्यम से चलता है।
इसलिए —
- पीएफ़आरडीए आपको व्यक्तिगत रूप से फ़ोन करके पैसा जमा करने को नहीं कहता
- वह किसी निजी खाते में रक़म भेजने को नहीं कहता
- वह आपके खाते को “अनलॉक” या “सक्रिय” करने के लिए शुल्क नहीं माँगता
- वह ओटीपी या पासवर्ड नहीं माँगता
आम बहाने
- “आपका एनपीएस खाता फ़्रीज़ हो गया है, शुल्क जमा कीजिए।”
- “अटल पेंशन योजना की किस्त बाक़ी है, इस लिंक से भरिए।”
- “ज़्यादा रिटर्न वाली विशेष योजना में एनपीएस राशि स्थानांतरित कीजिए।”
- “पीआरएएन कार्ड नवीनीकरण का शुल्क जमा कीजिए।”
अंतिम वाला विशेष रूप से चलता है, क्योंकि कर्मचारी पीआरएएन शब्द से परिचित होते हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और बात
आपका एनपीएस खाता आपके नोडल कार्यालय से जुड़ा है। किसी भी संदेह की स्थिति में सबसे पहले अपने स्थापना अनुभाग से पूछिए — किसी बाहरी नंबर से नहीं।
अंशदान वेतन से कटता है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अलग से पैसा भेजने की आवश्यकता कभी नहीं पड़ती।
जाँचने का तरीक़ा
- अपना खाता केवल आधिकारिक सीआरए पोर्टल से देखें
- अपने नोडल/स्थापना अनुभाग से पुष्टि करें
- ईमेल में आए किसी लिंक से लॉगिन न करें — पता स्वयं टाइप करें
ठगी हो जाने पर 1930 पर फ़ोन कीजिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कीजिए।
यह चेतावनी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नियामकीय परामर्शों पर आधारित है। अपने खाते से जुड़ी किसी भी कार्रवाई से पूर्व अपने नोडल कार्यालय से पुष्टि कर लें।